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International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(1):310-313

ज्ञानप्रकाश विवेक के उपन्यास 'डरी हुई लड़की' में मानवीय संवेदना का विश्लेषण

Author Name: बिन्दर कुमारी;   डॉ मुकेश कुमार;  

1. शोधार्थी, हिंदी विभाग, विजय सिंह पथिक राजकीय (पी ० जी ०) महाविद्यालय, कैराना (शामली)

2. सहायक प्रोफ़ेसर, हिंदी विभाग, विजय सिंह पथिक राजकीय (पी ० जी ०) महाविद्यालय, कैराना (शामली)

Paper Type: research paper
Article Information
Paper Received on: 2026-01-07
Paper Accepted on: 2026-01-27
Paper Published on: 2026-02-28
Abstract:

ज्ञानप्रकाश विवेक हिंदी कथा-साहित्य के उन गिने-चुने रचनाकारों में से हैं जो मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक यथार्थ और स्त्री-विमर्श को अत्यंत सूक्ष्मता से उकेरते हैं। उनका उपन्यास 'डरी हुई लड़की' समाज की क्रूरता और उसके बरक्स खड़ी मानवीय करुणा तथा प्रेम का एक सजीव दस्तावेज है। यह शोध-पत्र उपन्यास की मुख्य पात्र नन्दिनी (जो बलात्कार जैसी अमानवीय त्रासदी का शिकार है) और नायक राजन के मध्य पनपते खामोश प्रेम, सहानुभूति और जीवन जीने की अदम्य जिजीविषा के माध्यम से मानवीय संवेदना के विविध आयामों का विश्लेषण करता है। यह पत्र यह स्थापित करने का प्रयास करता है कि कैसे यह उपन्यास स्त्री-पीड़ा को समझने के लिए एक नई और सकारात्मक दृष्टि प्रदान करता है।

Keywords:

मानवीय संवेदना, स्त्री-विमर्श, जिजीविषा, मानसिक आघात, सहानुभूति, ज्ञानप्रकाश विवेक, खामोश प्रेम।

How to Cite this Article:

बिन्दर कुमारी,डॉ मुकेश कुमार. ज्ञानप्रकाश विवेक के उपन्यास 'डरी हुई लड़की' में मानवीय संवेदना का विश्लेषण. International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary. 2026: 5(1):310-313


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