International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(4):868-872
हरियाणा के कैथल जिले में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं का सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण: एक आनुभविक अध्ययन
Author Name: कपिल; डॉ. सत्येंद्र सिंह;
Paper Type: research paper
Article Information
Abstract:
वर्तमान शोध पत्र हरियाणा राज्य के कैथल जिले के विभिन्न ब्लॉकों में कार्यरत स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तनों का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। 380 उत्तरदाताओं के प्राथमिक आंकड़ों के आधार पर यह अध्ययन दर्शाता है कि SHG मॉडल ने न केवल ग्रामीण महिलाओं की आय और वित्तीय साक्षरता में वृद्धि की है, बल्कि उनके सामाजिक स्तर, निर्णय लेने की क्षमता तथा आत्मविश्वास में भी व्यापक सुधार किया है। अध्ययन में अमर्त्य सेन के 'क्षमता दृष्टिकोण' (Capability Approach), पियरे बोरदियू के 'सांस्कृतिक पूंजी सिद्धांत' (Cultural Capital Theory) एवं टालकॉट पार्सन्स के 'स्ट्रक्चरल-फंक्शनल सिद्धांत' का अनुप्रयोग करते हुए निष्कर्ष निकाला गया है कि सूक्ष्म वित्त एवं सामूहिक सहभागिता ग्रामीण समावेशी विकास का प्रमुख आधार हैं।
Keywords:
स्वयं सहायता समूह (SHG), महिला सशक्तिकरण, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, निर्णय क्षमता, कैथल (हरियाणा), सूक्ष्म वित्त। ।
How to Cite this Article:
कपिल,डॉ. सत्येंद्र सिंह. हरियाणा के कैथल जिले में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं का सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण: एक आनुभविक अध्ययन. International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary. 2026: 5(4):868-872
Download PDF