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International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(4):826-831

यमकेश्वर मन्दिर स्थिति, महिमा एवं माहात्म्य

Author Name: डॉ. सुभाष चंद्र बडोला;  

1. सहायक प्राध्यापक, संस्कृत, स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय, देहरादून, उत्तराखण्ड, भारत

Paper Type: research paper
Article Information
Paper Received on: 2026-07-13
Paper Accepted on: 2026-08-15
Paper Published on: 2026-08-20
Abstract:

यमकेश्वर महादेव मंदिर की स्थिति महिमा एवं महत्व का वर्णन जनमानस की श्रद्धा में वर्णित है यमकेश्वर महादेव का वर्णन स्कंद पुराण केदारखंड महात्म्य तथा अन्य पुराणों में स्पष्ट रूप से किया गया है यह मंदिर उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद में स्थित है जो अपनी महिमा से जाना जाता है जहां लोग अपनी अटूट श्रद्धा के साथ दर्शन और पूजन करते हैं तथा अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं इस मंदिर का इतिहास मार्कंडेय ऋषि से जुड़ा हुआ है उन्होंने महामृत्युंजय मंत्र का जाप इसी स्थान पर किया था और मृत्यु पर विजय प्राप्त की थी


 

Keywords:

यमकेश्वर महादेव, द्वादश, ज्योतिर्लिंग, आराध्य, महात्म्य, उत्तराखंड, पौराणिक, यमराज, केदारखंड, सृष्टिक्रिया, पद्मपुराण, मार्कण्डेय, मृत्युंजय, हिमालय

How to Cite this Article:

डॉ. सुभाष चंद्र बडोला. यमकेश्वर मन्दिर स्थिति, महिमा एवं माहात्म्य. International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary. 2026: 5(4):826-831


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