International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2025;5(3):830-833
रियल एस्टेट क्षेत्र में श्रमिकों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति: रीवा संभाग के संदर्भ में अध्ययन
Author Name: हेमंत कुमार तिवारी; डॉ०. हरिओम अग्रवाल;
Paper Type: research paper
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Abstract:
देश में रियल एस्टेट क्षेत्र आर्थिक विकास, शहरीकरण एवं रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं, जिनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य रीवा संभाग (रीवा, सतना, सीधी एवं सिंगरौली) में रियल एस्टेट क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का विश्लेषण करना है। अध्ययन में प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के आंकड़ों का उपयोग किया गया है। प्राथमिक आंकड़े प्रश्नावली एवं साक्षात्कार के माध्यम से एकत्रित किए गए हैं। अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि यद्यपि इस क्षेत्र ने रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं, तथापि श्रमिकों को नियमित आय, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं आवासीय सुविधाओं में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अतः श्रमिकों के कल्याण हेतु प्रभावी नीतिगत हस्तक्षेप आवश्यक है।
Keywords:
रियल एस्टेट, श्रमिक, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, रीवा संभाग, श्रम कल्याण।
How to Cite this Article:
हेमंत कुमार तिवारी,डॉ०. हरिओम अग्रवाल. रियल एस्टेट क्षेत्र में श्रमिकों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति: रीवा संभाग के संदर्भ में अध्ययन. International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary. 2025: 5(3):830-833
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