IJ
IJCRM
International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(4):826-831

यमकेश्वर मन्दिर स्थिति, महिमा एवं माहात्म्य

Author Name: डॉ. सुभाष चंद्र बडोला;  

1. सहायक प्राध्यापक, संस्कृत, स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय, देहरादून, उत्तराखण्ड, भारत

Abstract

यमकेश्वर महादेव मंदिर की स्थिति महिमा एवं महत्व का वर्णन जनमानस की श्रद्धा में वर्णित है यमकेश्वर महादेव का वर्णन स्कंद पुराण केदारखंड महात्म्य तथा अन्य पुराणों में स्पष्ट रूप से किया गया है यह मंदिर उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद में स्थित है जो अपनी महिमा से जाना जाता है जहां लोग अपनी अटूट श्रद्धा के साथ दर्शन और पूजन करते हैं तथा अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं इस मंदिर का इतिहास मार्कंडेय ऋषि से जुड़ा हुआ है उन्होंने महामृत्युंजय मंत्र का जाप इसी स्थान पर किया था और मृत्यु पर विजय प्राप्त की थी


 

Keywords

यमकेश्वर महादेव, द्वादश, ज्योतिर्लिंग, आराध्य, महात्म्य, उत्तराखंड, पौराणिक, यमराज, केदारखंड, सृष्टिक्रिया, पद्मपुराण, मार्कण्डेय, मृत्युंजय, हिमालय