IJ
IJCRM
International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(3):810-819

विकसित भारत के संकल्प में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का महत्व, उपयोगिता, व सुरक्षा की दृष्टि से अध्ययन

Author Name: Dr. Vivek Kumar Singh;  

1. Assistant Professor, Vedant Institute of Education and Technology, Lalganj, Vaishali, Bihar, India

Abstract

भारत आज एक ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है जहाँ "विकसित भारत 2047" का संकल्प केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि एक सामूहिक राष्ट्रीय लक्ष्य बन चुका है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एआई आज स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, रक्षा, शासन और उद्योग जैसे लगभग हर क्षेत्र को बदल रहा है। यह शोध पत्र इस बात की गहराई से जाँच करता है कि किस प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विकसित भारत के सपने को साकार करने में सहायक हो सकता है, इसकी उपयोगिता क्या है, और इसके साथ जुड़े सुरक्षा संबंधी जोखिम कौन से हैं। अध्ययन में मिश्रित शोध पद्धति का उपयोग किया गया है, जिसमें 348 उत्तरदाताओं का सर्वेक्षण और द्वितीयक आंकड़ों का विश्लेषण शामिल है। निष्कर्ष बताते हैं कि एआई ने भारत में डिजिटल पहचान, यूपीआई आधारित भुगतान, टेलीमेडिसिन, स्मार्ट कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। साथ ही, साइबर अपराध, डेटा गोपनीयता का उल्लंघन, डीपफेक, रोजगार पर प्रभाव, और एल्गोरिथमिक पक्षपात जैसे जोखिम भी सामने आए हैं। अध्ययन सिफारिश करता है कि भारत को एक संतुलित एआई नीति की आवश्यकता है जो नवाचार को बढ़ावा दे, साथ ही नागरिकों की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करे। राष्ट्रीय एआई मिशन, इंडिया एआई कार्यक्रम, और डिजिटल इंडिया जैसी पहलें सही दिशा में हैं, लेकिन इन्हें ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने के लिए और अधिक प्रयासों की आवश्यकता है।

Keywords

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विकसित भारत 2047, डिजिटल इंडिया, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, राष्ट्रीय एआई मिशन, तकनीकी विकास.