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IJCRM
International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(3):806-809

राजस्थान में महिला एवं बाल कल्याण की संस्थागत संरचना एवं कार्यप्रणाली: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

Author Name: गुन्जन गौतम;   डॉ०. शैलेन्द्र मौर्य;  

1. शोधार्थी, डॉ. के. एन. मोदी विश्वविद्यालय, निवाई, राजस्थान, भारत।

2. सह आचार्य, (राजनीति विज्ञान) सामाजिक अध्ययन संकाय, डॉ०. के. एन. मोदी. विश्वविद्यालय, निवाई, राजस्थान, भारत

Abstract

राज्य में निदेशालय स्तर के अंतर्गत वर्तमान में महिला विकास से सम्बन्धित समस्त योजनाएं, जो कि महिलाओं के हेतु राज्य/ज़िला/ब्लॉक स्तर पर संचालित हैं, का क्रियान्वयन एवं प्रबंधन किया जाता है। महिला अधिकारिता निदेशालय द्वारा विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं नीतियों में समन्वय कर महिलाओं को वास्तविक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, परिवार कल्याण, रोज़गार तथा प्रशिक्षण एवं उनका समाजिक महिला अधिकारिता के प्रमुख क्षेत्र हैं।

स्वतंत्रता के पांच दशकों के बाद भी प्रदेश की महिलाओं की  दशा एवं स्थिति में अपेक्षित परिवर्तन नहीं आया है। विषम एवं विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी महिलाएं प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रही है, लेकिन महिलाओं की यह भूमिका अत्यन्त सीमित है। अतः राजस्थान में महिलाओं की पिछडी हुई स्थिति में सुधार करने उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने व महिलाओं की अत्यंत महत्वपूर्ण मानवीय पूंजी का राष्ट्र के विकास कार्यो में विनियोजित करने हेतु ऐसे महिला विकास कार्यक्रमों को प्रारम्भ करने की आवश्यकता प्रतीत की गई जिनके द्वारा जरूरतमंद महिलाओं को वास्तविक लाभ पहुंचाया जा सके। महिलाओं के शैक्षिक सामाजिक आर्थिक एवं राजनीतिक सशक्तिकरण हेतु विभिन्न स्तरों पर विविध प्रयास किए जा रहे है, ताकि वे स्वयं के विकास के साथ-साथ समाज के विकास हेतु महत्वपूर्ण योगदान दे सके।

Keywords

राज्य प्रशासन, प्रशासनिक व्यवस्था, महिला एवं बाल विकास, प्रशासनिक प्रतिवेदन, प्रगति विवरण, सरकारी योजनाएँ, सामाजिक विकास, राजस्थान प्रशासन, महिला सशक्तिकरण, बाल कल्याण नीति।