International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(3):1072-1075
आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सुरक्षा एवं सार्क: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
Author Name: डॉ. आभा सैनी; डॉ. सुषमा सैनी;
Paper Type: research paper
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Abstract:
दक्षिण एशियाई क्षेत्र अपनी प्राकृतिक संसाधन संपन्नता, बढ़ते आर्थिक विकास और विशाल जनसंख्या के कारण वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट पहचान रखता है। हिमालय, बंगाल की खाड़ी, अरब सागर और हिंद महासागर से घिरा यह क्षेत्र प्राकृतिक, जैविक, जल-संबंधी और मानव-निर्मित आपदाओं के साथ-साथ भारत और पाकिस्तान जैसे परमाणु शक्ति-संपन्न राष्ट्रों की उपस्थिति के कारण परमाणु आपदाओं के जोखिम से भी प्रभावित होता है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) की स्थापना 8 दिसंबर 1985 को ढाका में की गई, जिसका मुख्यालय काठमांडू, नेपाल में है। प्रस्तुत शोध पत्र में सार्क देशों के बीच आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में हुए पारस्परिक सहयोग का ऐतिहासिक, विश्लेषणात्मक और वर्णनात्मक पद्धति के माध्यम से अध्ययन किया गया है। इसमें सार्क आपदा प्रबंधन केंद्र, त्वरित प्रतिक्रिया समझौता, सार्क क्षय रोग एवं एचआईवी/एड्स केंद्र, सार्क फूड बैंक, कोविड-19 सूचना विनिमय मंच तथा SAARC वैक्सीन कूटनीति जैसी पहलों का विश्लेषण किया गया है। साथ ही शोध पत्र में सदस्य देशों के बीच राजनीतिक मतभेद, भारत-पाकिस्तान तनाव, 2015 के बाद आपदा प्रबंधन ढांचे के नवीनीकरण में उदासीनता जैसी चुनौतियों को भी रेखांकित किया गया है। अंत में उच्च राजनीतिक इच्छाशक्ति, सामुदायिक भागीदारी, सार्क मौसम विज्ञान अनुसंधान केंद्र के तकनीकी आधुनिकीकरण और एक क्षेत्रीय चिकित्सा भंडार की स्थापना जैसे सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं।
Keywords:
दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क), आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सुरक्षा, क्षेत्रीय सहयोग, महामारी (कोविड-19)
How to Cite this Article:
डॉ. आभा सैनी,डॉ. सुषमा सैनी. आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सुरक्षा एवं सार्क: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन. International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary. 2026: 5(3):1072-1075
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