International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(2):217-223
डिजिटल विभाजन और एआई-आधारित मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ: ग्रामीण एवं शहरी युवाओं के बीच प्रभावशीलता का तुलनात्मक अध्ययन
Author Name: श्री अजय कुमार श्रीवास (ग्रंथपाल);
Paper Type: research paper
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Abstract:
वर्तमान समय में युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ, विशेषकर अवसाद और चिंता, तेजी से बढ़ रही हैं (World Health Organization [WHO], 2023)2। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ—जैसे चैटबॉट, मोबाइल अनुप्रयोग और डिजिटल थेरेपी प्लेटफ़ॉर्म—मानसिक स्वास्थ्य सहायता को सुलभ, किफायती और गोपनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं (NITI Aayog, 2022)।4 तथापि, डिजिटल संसाधनों की असमान उपलब्धता, जिसे डिजिटल विभाजन कहा जाता है, इन सेवाओं की प्रभावशीलता को प्रभावित करती है (National Sample Survey Office [NSSO], 2022)।11 भारत में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच इंटरनेट पहुँच, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी विश्वास में उल्लेखनीय अंतर है (Telecom Regulatory Authority of India [TRAI], 2023)।6
अध्ययन से ज्ञात होता है कि शहरी युवाओं में डिजिटल पहुँच अधिक होने के कारण एआई सेवाओं का उपयोग अधिक है तथा मानसिक स्वास्थ्य सुधार के संकेत भी बेहतर हैं (NITI Aayog, 2022)।4 इसके विपरीत, ग्रामीण युवाओं में तकनीकी अवसंरचना की कमी, डिजिटल साक्षरता का अभाव और सामाजिक कलंक प्रमुख बाधाएँ हैं (Indian Council of Medical Research [ICMR], 2021)।10 यह अध्ययन डिजिटल समावेशन को मानसिक स्वास्थ्य सुधार की एक महत्वपूर्ण शर्त के रूप में स्थापित करता है।
Keywords:
डिजिटल विभाजन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मानसिक स्वास्थ्य, युवा, ग्रामीण-शहरी अंतर, डिजिटल समावेशन
How to Cite this Article:
श्री अजय कुमार श्रीवास (ग्रंथपाल). डिजिटल विभाजन और एआई-आधारित मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ: ग्रामीण एवं शहरी युवाओं के बीच प्रभावशीलता का तुलनात्मक अध्ययन. International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary. 2026: 5(2):217-223
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