International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(5):544-550
भारत की जी-20 अध्यक्षता 2023 और सतत विकास: उपलब्धियाँ, चुनौतियाँ एवं संभावनाएँ - एक आलोचनात्मक अध्ययन
Author Name: Krishna Nand;
Abstract
भारत की जी-20 अध्यक्षता (1 दिसंबर 2022 - 30 नवंबर 2023) ऐसे समय में आई जब दुनिया Polycrisis में थी। IMF के अनुसार वैश्विक विकास दर 3.0%, मुद्रास्फीति 6.6%, विकासशील देशों पर कर्ज $29 ट्रिलियन था। UNDP के अनुसार 75 मिलियन लोग COVID से Extreme Poverty में चले गए। UN की SDG Progress Report 2023 के अनुसार केवल 12% SDG लक्ष्य ट्रैक पर थे, 48% मध्यम या गंभीर रूप से पिछड़े थे, 30% में कोई प्रगति नहीं थी।
जी-20 दुनिया की 85% GDP, 75% व्यापार, 66% जनसंख्या और 80% कार्बन उत्सर्जन का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए G20 के बिना SDGs असंभव। भारत ने अध्यक्षता को People's Presidency बनाया - 60 शहरों में 220+ बैठकें, 13 Working Groups, 8 Engagement Groups, जनभागीदारी के तहत 1.4 बिलियन लोगों तक पहुंच, वसुधैव कुटुम्बकम की भावना - One Earth, One Family, One Future। परिणाम: 87 Outcomes, 118 Documents, 100% सर्वसम्मति से New Delhi Leaders Declaration (9-10 सितंबर 2023, भारत मंडपम)। यह अब तक का सबसे बड़ा G20 था - Indonesia 2022 में 52 Outcomes, भारत में 87 - 67% अधिक। इस शोध का उद्देश्य: भारत की 9 बड़ी उपलब्धियों, 5 चुनौतियों और 2030 तक के रोडमैप का आलोचनात्मक अध्ययन। मुख्य निष्कर्ष: भारत ने Green Development Pact, Global Biofuel Alliance (22 देश), African Union को स्थायी सदस्यता (G20 से G21), DPI Repository (50 DPI, 16 देश), Mission Life, Women-Led Development जैसी संस्थागत उपलब्धियाँ हासिल कीं। पर Climate Finance का $100 Bn वादा अधूरा रहा, IMEC कॉरिडोर 2026 में अमेरिका-ईरान युद्ध में ठप हो गया, और G20 फैसले Non-Binding रहे।
Keywords
G20, SDG, Green Development Pact, DPI, African Union, Life, Global South, Climate Finance, IMEC.