IJ
IJCRM
International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(1):698-702

निर्यात संवर्धन और रोजगार सृजन में खुर्जा सिरेमिक उद्योग का योगदान

Author Name: तृप्ति सिंह;   डॉ. सारिका अग्रवाल;  

1. अर्थशास्त्र, मोनाड यूनिवर्सिटी, हापुड़, उत्तर प्रदेश, भारत

2. शोध पर्यवेक्षक, मोनाड यूनिवर्सिटी, हापुड़, उत्तर प्रदेश, भारत

Abstract

उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर जनपद का खुर्जा नगर भारत के प्रमुख पारंपरिक सिरेमिक एवं पॉटरी उत्पादन केन्द्रों में से एक है। लगभग छह शताब्दियों की परंपरा से विकसित खुर्जा की पॉटरी ने समय के साथ पारंपरिक हस्तशिल्प से आधुनिक सिरेमिक उद्योग का रूप ग्रहण किया है। आज यहाँ घरेलू उपयोग की क्रॉकरी, सजावटी वस्तुएँ, स्टोनवेयर, सैनिटरी वेयर, विद्युत इंसुलेटर, वैज्ञानिक पोर्सिलेन तथा विभिन्न प्रकार के सिरेमिक उत्पादों का निर्माण किया जाता है। खुर्जा पॉटरी को भौगोलिक संकेतक (GI) के रूप में पंजीकरण प्राप्त है तथा इसे उत्तर प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP) योजना में प्रमुख उत्पाद के रूप में प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस कारण खुर्जा का सिरेमिक उद्योग केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था का आधार नहीं है, बल्कि निर्यात संवर्धन, रोजगार सृजन, कौशल विकास, उद्यमिता तथा क्षेत्रीय औद्योगिक विकास का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।

उपलब्ध सरकारी अभिलेखों के अनुसार खुर्जा सिरेमिक क्लस्टर में सैकड़ों लघु एवं मध्यम इकाइयाँ कार्यरत हैं तथा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार प्राप्त होता है। भारत सरकार के जिला निर्यात योजना दस्तावेज में खुर्जा क्लस्टर के लगभग 400 लघु-स्तरीय इकाइयों तथा लगभग 40,000 श्रमिकों से जुड़े व्यापक रोजगार आधार का उल्लेख मिलता है। दूसरी ओर, पर्यटन मंत्रालय के ‘Incredible India’ पोर्टल पर लगभग 25,000 श्रमिकों तथा 5,000–7,000 सहायक सेवा कर्मियों के रोजगार का उल्लेख है। ये आँकड़े इस उद्योग के रोजगार-प्रधान स्वरूप को स्पष्ट करते हैं।

यह शोध-पत्र खुर्जा सिरेमिक उद्योग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, औद्योगिक संरचना, निर्यात क्षमता, रोजगार सृजन में भूमिका, सरकारी योजनाओं तथा प्रमुख चुनौतियों का विश्लेषण करता है। अध्ययन का निष्कर्ष है कि गुणवत्ता सुधार, डिजाइन नवाचार, ई-कॉमर्स, ब्रांडिंग, GI एवं ODOP का प्रभावी उपयोग, ऊर्जा दक्षता तथा निर्यात बाजारों के विविधीकरण के माध्यम से खुर्जा को वैश्विक सिरेमिक आपूर्ति शृंखला में अधिक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया जा सकता है।

Keywords

खुर्जा सिरेमिक उद्योग, खुर्जा पॉटरी, निर्यात संवर्धन, रोजगार सृजन, ODOP, GI टैग, MSME, सिरेमिक क्लस्टर, बुलन्दशहर, उत्तर प्रदेश।