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International Journal of Contemporary Research in Multidisciplinary
ISSN: 2583-7397
Open Access • Peer Reviewed
Impact Factor: 5.67

International Journal of Contemporary Research In Multidisciplinary, 2026;5(4):17-20

समावेशी विकास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका

Author Name: डॉ० घनश्याम सैनी;  

1. सहायक आचार्य, समाजशास्त्र, श्री कल्याण राजकीय कन्या महाविद्यालय, सीकर राजस्थान, भारत

Abstract

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्तमान में एक उभरता हुआ ज्ञान विमर्श का बिन्दु है। नीति आयोग की वर्ष 2018 की चौथी परिचर्चा में इसमें समावेशी विकास जोड़ा गया। जिसकी मुख्य थीम  थी—‘समावेशी विकास के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’। इस परिचर्चा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उसके भविष्य, समावेशी विकास में भूमिका का अवलोकन किया गया। भारतीय संदर्भ में समावेशी विकास की अवधारणा नई नहीं है हमारे प्राचीन धर्मग्रन्थों में सबको साथ लेकर चलने का भाव निहित है। ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः ‘ इसी संदर्भ को पुष्ट करता है। उदारीकरण के बाद इस विकास की अवधारणा को विश्व के सभी देशों द्वारा प्रमुखता से अपनाया गया और समावेशी विकास की अवधारणा ने वैश्विक संदर्भ में अपनी महता बनायी है। यह शोधपत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और समावेशी विकास में उसकी भूमिका पर आधारित हैं जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को समावेशी विकास के एक उपकरण के रूप में देखा गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस किस प्रकार समावेशी विकास के लक्ष्यों जैसे- स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, वित्तीय सेवाएं, समाजिक समानता को प्राप्त करने में सहायक बन सकता है, विकास और एआई के परस्पर सम्बन्ध कैसे है आदि की पड़ताल है।

Keywords

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विकास, शिक्षा, उपयोगिता, समावेशी विकास ।